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राजभवन बेंती,कुंडा में फरियादियों के लिए अन्नपूर्णा शुरू मा.श्री राजा भइया जी की पहल!!

राजभवन बेंती,कुंडा में फरियादियों के लिए अन्नपूर्णा शुरू मा.श्री राजा भइया जी की पहल!!
 
जनसत्ता दल लोकतांत्रिक  प्रमुख के मानवीय निर्णय से दूर-दराज के लोगों को मिली राहत,जनता दरबार में उमड़ा जनसैलाब कुंडा, पावर स्टार,वनमैन आर्मी शानदार व्यक्तित्व के धनी जन-जन के नायक,आदर्श राजनेता,अजेय योद्धा,संघर्ष सेवा और स्वाभिमान के प्रतीक जनसत्तादल सुप्रीमो महाराजा कुंवर रघुराज प्रताप सिंह "राजा भइया" जी नाम विश्वास का ने एक बार फिर अपनी जनसेवा और मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए राजभवन वेंती में अन्नपूर्णा नाम से भोजन की ऐतिहासिक व्यवस्था प्रारंभ की है।इस प्रशंसनीय और अनुकरणीय पहल से अब दूर-दराज से अपनी पीड़ा और समस्या लेकर राजभवन पहुंचने वाले किसी भी फरियादी को भूखे पेट नहीं लौटना पड़ेगा। राजा भइया जी के इस निर्णय की पूरे क्षेत्र में मुक्त कंठ से सराहना हो रही है और इसे जनता के प्रति उनके अटूट समर्पण का जीवंत प्रमाण माना जा रहा है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में राजा भइया की पहचान एक ऐसे जननेता के रूप में है जो जनता की समस्या को अपनी निजी समस्या मानकर उसके समाधान के लिए दिन-रात एक कर देते हैं राजभवन में लगने वाले जनता दरबार में प्रतापगढ़,कौशांबी, प्रयागराज,सुल्तानपुर,जौनपुर, रायबरेली और अमेठी सहित दर्जनों जिलों से हजारों की संख्या में फरियादी अपनी फरियाद लेकर पहुंचते हैं।राजभवन के बाहर लंबी कतारें लग जाती हैं। अक्सर समस्या सुनने और अधिकारियों से निस्तारण कराने में पूरा दिन बीत जाता था,जिससे सैकड़ों किलोमीटर दूर से आए निर्धन और असहाय लोगों को भोजन की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ता था।फरियादियों की इस पीड़ा को समझते हुए राजा भइया ने तत्काल अन्नपूर्णा भोजन व्यवस्था शुरू करने का निर्णय लिया। यह व्यवस्था पूरी तरह से जनसहयोग और सेवा भाव पर आधारित है। अब राजभवन पहुंचने वाला प्रत्येक व्यक्ति सम्मान के साथ भोजन ग्रहण करने के उपरांत ही अपनी समस्या रखेगा। इस व्यवस्था से विशेषकर वृद्ध, महिलाएं और बीमार फरियादियों को अत्यधिक राहत मिली है। राजा भइया का मानना है कि भूखे पेट कोई भी व्यक्ति अपनी बात ठीक से नहीं रख पाता,इसलिए पहले अन्न, फिर न्याय।गुरुवार को भी राजभवन का नजारा देखते ही बन रहा था। अन्नपूर्णा में भोजन करने के बाद फरियादियों की लंबी कतार राजा भइया से मिलने के लिए लगी थी। राजा भइया ने एक-एक फरियादी को पास बुलाकर उनकी समस्या को धैर्यपूर्वक सुना।भूमि विवाद, अवैध कब्जा, पुलिस उत्पीड़न, गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक सहायता, रोजगार से जुड़ी सैकड़ों समस्याओं का उन्होंने मौके पर ही संबंधित जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और विभागीय अधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता कर त्वरित निस्तारण कराया। कई मामलों में उन्होंने पीड़ितों को तत्काल आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराई।जनता दरबार के उपरांत राजा भइया क्षेत्र में आयोजित विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सम्मिलित होने के लिए रवाना हो गए। इस अवसर पर पूर्व सांसद एवं वर्तमान एमएलसी कुंवर अक्षय प्रताप सिंह गोपाल जी, राजा भइया के दोनों पुत्र शिवराज प्रताप सिंह, बृजराज प्रताप सिंह, राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव डॉक्टर कैलाश नाथ ओझा प्रदेश अध्यक्ष बाबागंज विधायक विनोद सरोज, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि कुलदीप पटेल, प्रतिनिधि  हरि ओम शंकर श्रीवास्तव,सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता, प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और क्षेत्रीय गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
स्थानीय बुजुर्गों और प्रबुद्ध जनों का कहना है कि उन्होंने अपने जीवन में ऐसा जननेता नहीं देखा जो जनता के दुख-दर्द को इस तरह अपना समझे। 'अन्नपूर्णा' जैसी व्यवस्था शुरू करना राजा भइया के विशाल हृदय और गरीबों के प्रति उनकी सच्ची निष्ठा को दर्शाता है। यह पहल निश्चित रूप से पूरे उत्तर प्रदेश के जनप्रतिनिधियों के लिए एक मिसाल बनेगी। राजभवन से लौट रहे फरियादियों के चेहरे पर संतोष और आंखों में राजा भइया के लिए कृतज्ञता का भाव साफ देखा जा सकता था।

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