कल हम अपने अंतर्राष्ट्रीय सन्त बौद्धिक मंच के साथियों के साथ मध्यप्रदेश के कटनी जिले के करौंदी ग्राम में पहुंच कर भारत का

 मध्य स्थल जिसे भारत का हृदय स्थल भी कहा जाता है यहाँ से कर्क रेखा भी गुजराती है। इस स्थान में हम भारत माता की विश्व की सबसे बड़ी और ऊंची मन्दिर स्थापित करना चाहते हैं। जिसके लिए हमने भूमि का निरीक्षण किया। निरीक्षण के पश्चात हम भूमि मालिकo से मिलकर चर्चा करेंगे। हमारी योजना इस स्थान पर भारत माता की सबसे ऊंची मन्दिर के साथ - साथ भगवान बजरंगबली जी की सबसे ऊँची मन्दिर स्थापित करेंगे। हम इस मन्दिर के माध्यम से विश्व भर में निवासरत सनातनियों को एक मंच पर लाकर ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र जो एक दूसरे के पूरक हैं किन्तु वर्तमान में कुछ मतभेदों केकारण वे अलग अलग होते जा रहें हैं उन्हें एक करना चाहते हैं। क्योंकि ब्राह्मण, क्षत्रीय, वैश्य और शुद्र हमारे शरीर के ही अंग हैं। जो एक दूसरे के बिना अधुरे हैं। आज हम देख रखे हैं की बुद्धिजीवी समाज भी अपने महापुरुषों के साथ देवी देवताओं में भी अतिक्रमण कर लिए हैं। कोई कहता है कि भगवान श्री राम जी मेरे हैं, कोई कहता है कि भगवान श्री कृष्ण जी मेरे है, कोई कहता है कि भगवान श्री परशुराम जी मेरे हैं, कोई कहता है कि भगवान विश्वकर्मा जी मेरे हैं ऐसे सारे सनातनियों ने अपने - अपने भगवानों का चयन कर सनातनियों को बाटने के काम में लगे हुए हैं जिससे हमारा सनातन कमजोर होता जा रहा है। सतयुग , त्रेता और द्वापर और कलयुग के प्रथम चरण में इस देश में कोई दूसरा धर्म नही था। सिर्फ हमारा सनातन धर्म ही था। हम अंतर्राष्ट्रीय सन्त बौद्धिक मंच के माध्यम से सभी सनातनियों को एक मंच में लाने का काम कर सनातन धर्म का प्रचार प्रसार कर रहें हैं। हम 15 नवम्बर से प्रारम्भ होने जा रहें  "भारत माता परिक्रमा"  जो 16295 किलो मीटर की यात्रा पूरी करते हुए दो देश और 29 प्रदेशों से होकर गुजरेगी। यह परिक्रमा राजस्थान से प्रारम्भ होकर गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, झारखंड, उड़ीसा, पश्चिम बंगाल, असम, मिजोरम, मणिपुर, नागालैंड, सिक्किम से नेपाल काठमांडू, जनकपुर, विराटनगर से बिहार, उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख, जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा से दिल्ली पहुंच कर महामहिम राष्ट्रपति जी, देश के यशस्वी प्रधानमंत्री मा. श्री नरेन्द्र भाई मोदी जी एवं भारत के गृहमंत्री मा. श्री अमित शाह जी को ग्यारह सूत्रीय मांगों का ज्ञापन देगें। ज्ञापन में भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाना, गौ माता को राष्ट्र माता का सम्मान दिलाना, देश में हो रहे धर्मांतरण पर पूर्ण रूप से प्रतिबन्ध लगाने विशेष कानून बनाने, देश में हो रहे लव जिहाद पर पूर्ण प्रतिबन्ध लगाने शक्त से शक्त सजा का प्रावधान कर विशेष कानून बनाने, साधु संतों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाने,  देश के प्रत्येक तहसीलों में गुरुकुल की स्थापना कर सनातनी बच्चों को प्राचीन काल की तरह अस्त्र - शस्त्र और शास्त्र की दिए जाने, देश के प्रत्येक तहसीलों में गौ शाला संचालित कर गौ शाला को साधु सन्तों के अधीन किए जाने, देश के बड़े मन्दिरों को सरकार टैक्स मुक्त कर मन्दिरों से प्राप्त राशी का उपयोग सनातनी बच्चों की शिक्षा, स्वस्थ, खेल कूद एवं शारीरिक व्यायाम पर खर्च किए जाने, साधु - सन्तों को तीर्थ धार्मिक स्थलों पर आने - जाने के लिए फ्री किराया पास जारी किए जाने, साधु - संतों एवं मन्दिर के पुजारियों को प्रतिमाह 25 हजार रुपया मानदेय के रूप में दिए जाने ऐसे ग्यारह सूत्रीय मांगों का ज्ञापन दिया जायेगा। भारत माता परिक्रमा से पूर्व 1 मई 2026 अमरकंटक से मां नर्मदा परिक्रमा किया जा रहा है। नर्मदा परिक्रमा का उद्देश्य मां नर्मदा जी से भारत माता परिक्रमा को सफल बनाने का आशीर्वाद प्राप्त करना है। यह नर्मदा परिक्रमा 3500 किलो मीटर का होगा जो अमरकंटक से प्रारम्भ होकर खम्बात की खाड़ी से होकर पुनः अमरकंटक में समापन होगा। भारत माता मन्दिर स्थल पर सभी देवी देवदाताओं की मूर्ति स्थापित करेंगे। जिससे सारे सनातनी एक स्थान में पहुंचकर अपने अपने इष्टों के दर्शन करेगें। उस स्थान पर स्वर्ग लोक और नर्क लोक का भी चित्रण किया जायेगा। जो पूरे विश्व में कहीं नहीं होगा। जिसके लिए अंतर्राष्ट्रीय सन्त बौद्धिक मंच का एक - एक कार्यकर्ता तैयार है ..... स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्म गिरि महाराज अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष अंतर्राष्ट्रीय सन्त बौद्धिक मंच एवम् संस्थापक संयोजक सनातनी अखाड़ा 6267163039

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