स्कूलों की मनमानी फीस वसूली पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई का पालक महासंघ ने किया स्वागत, अन्य स्कूलों की जांच की मांग*

*स्कूलों की मनमानी फीस वसूली पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई का पालक महासंघ ने किया स्वागत, अन्य स्कूलों की जांच की मांग*

बुरहानपुर(इक़बाल अंसारी) ज़िले में निजी विद्यालयों द्वारा लंबे समय से नियमों की अनदेखी करते हुए मनमानी फीस वसूली, महंगी किताबें, अनिवार्य रूप से निर्धारित दुकानों से सामग्री खरीदने का दबाव, एवं अन्य माध्यमों से पालकों का आर्थिक शोषण किया जा रहा था। इस संबंध में पालक महासंघ, बुरहानपुर द्वारा निरंतर प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की जाती रही है।

हाल ही में ज़िला शिक्षा विभाग द्वारा अशासकीय सेंट टेरेसा हायर सेकेंडरी स्कूल पर कार्रवाई करते हुए ₹ 2 लाख का जुर्माना एवं लगभग ₹3.25 लाख की अतिरिक्त वसूल की गई राशि पालकों को लौटाने के निर्देश दिए गए हैं,—का पालक महासंघ ने स्वागत किया है। यह कार्रवाई न केवल न्यायसंगत है, बल्कि पूरे जिले के निजी विद्यालयों के लिए एक सख्त संदेश भी है कि अब शिक्षा के नाम पर मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

पालकों के साथ हो रहा था अन्याय
महासंघ के संज्ञान में लगातार यह बातें आ रही थीं कि कई निजी स्कूल निर्धारित नियमों के विपरीत:

हर वर्ष 10% से अधिक फीस वृद्धि कर रहे हैं

एनसीईआरटी के बजाय महंगी निजी प्रकाशकों की किताबें अनिवार्य कर रहे हैं

विशेष दुकानों से ही यूनिफॉर्म, बैग एवं अन्य सामग्री खरीदने का दबाव बना रहे हैं

विभिन्न गतिविधियों एवं अन्य शुल्कों के नाम पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाल रहे हैं

इन सभी गतिविधियों से मध्यम एवं निम्न आय वर्ग के पालकों पर गंभीर आर्थिक दबाव पड़ रहा है।

पालक महासंघ बुरहानपुर ज़िला अध्यक्ष धर्मेन्द्र सोनी ने कहा प्रशासन की निष्पक्षता सराहनीय जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा बिना किसी दबाव के, निष्पक्ष एवं नियमसम्मत कार्रवाई करना अत्यंत सराहनीय है। यह कदम शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

वरिष्ठ मार्गदर्शक राजीव खेडकर ने  दबाव के बावजूद समर्थन का भरोसा जताया। पालक महासंघ को आशंका है कि इस प्रकार की सख्त कार्रवाई के बाद कुछ प्रभावशाली संस्थानों द्वारा प्रशासन पर दबाव बनाने का प्रयास किया जा सकता है। ऐसे में महासंघ स्पष्ट रूप से कहना चाहता है कि सत्य एवं न्याय के इस संघर्ष में पालक महासंघ पूरी मजबूती से प्रशासन के साथ खड़ा रहेगा।
जिले के सभी निजी विद्यालयों की फीस संरचना की व्यापक जांच की जाए
शिकायतों के निराकरण हेतु प्रभावी एवं पारदर्शी तंत्र विकसित किया जाए
दोषी पाए जाने वाले संस्थानों पर इसी प्रकार कड़ी कार्रवाई की जाए
पालकों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत दिलाई जाए
शिक्षा में पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
यह कार्रवाई जिले के हजारों पालकों के लिए राहत लेकर आई है और उम्मीद जताई जा रही है कि यदि इसी प्रकार निगरानी एवं कार्रवाई जारी रही, तो शिक्षा के क्षेत्र में व्याप्त अनियमितताओं पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा।

अंत में, पालक महासंघ प्रशासन के इस साहसिक एवं न्यायपूर्ण निर्णय के लिए आभार व्यक्त करता है एवं अपेक्षा करता है कि भविष्य में भी इसी प्रकार निष्पक्ष कार्रवाई जारी रहेगी।
इस अवसर पर अध्यक्ष धर्मेंद्र सोनी, उपाध्यक्ष अता उल्लाह खान, श्रीमती सरिता राजेश भगत, कविता चौहान, राजकुमार बचवानी, नंदकिशोर वाणे, श्री राम अग्रवाल, राजेश भगत आदि लोग मौजूद थे।

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