ज़िले के प्रख्यात आयुर्वेदाचार्य स्व.प्रभुनाथ शास्त्री (नियर शनि मंदिर) को ताप्ती सेवा समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि*

*ज़िले के प्रख्यात आयुर्वेदाचार्य स्व.प्रभुनाथ शास्त्री (नियर शनि मंदिर) को ताप्ती सेवा समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि*

बुरहानपुर (इक़बाल अंसारी)ताप्ती सेवा समिति बुरहानपुर के सदस्यों और पदाधिकारियों द्वारा जिले के प्रख्यात आयुर्वेदाचार्य प्रभुनाथ शास्त्री जी (कई सालों से मिर्गी की दवाई निःशुल्क प्रदान करने वाले बनारस वाले हकीम साहब के नाम से ज़िले के जनमानस में प्रसिद्ध) के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

स्वर्गीय शास्त्री जी एक ऐसी महान विभूति थे, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन जनसेवा एवं स्वास्थ्य चिकित्सा सेवा को समर्पित कर दिया था। विशेष रूप से मिर्गी (एपिलेप्सी) के मरीजों के उपचार में उनकी विशेष भूमिका और ख्याति दूर-दूर तक फैली हुई थी। होली एवं दीपावली जैसे प्रमुख पर्वों पर गुजरात, महाराष्ट्र एवं मध्यप्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज बुरहानपुर पहुंचकर उनसे इस उपचार का लाभ प्राप्त करते थे। स्वर्गीय शास्त्री जी द्वारा दी जाने वाली औषधियों से असंख्य मरीजों को स्वास्थ्य लाभ मिला।

पिछले कुछ महीनों से अस्वस्थ रहने के कारण कल उनका निधन हो गया, जिससे पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। बुरहानपुर की विधायिका श्रीमती अर्चना चिटनिस दीदी, युवा भाजपा नेता अमित बृजमोहन मिश्रा सहित अनेक सामाजिक संगठनों ने स्वर्गीय शास्त्री जी के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए इसे जिले की अपूर्ण क्षति बताया। इस अवसर पर ताप्ती सेवा समिति बुरहानपुर के पदाधिकारियों और सदस्यों में सर्वश्री राजीव खेड़कर, धर्मेंद्र सोनी, राजेश भगत, मंसूर सेवक, रियाज उल हक अंसारी, मोहन दलाल, परेश शाह सहित अन्य सदस्यों ने 2 मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की एवं ईश्वर से प्रार्थना की कि उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें।

समिति ने यह भी उल्लेख किया कि जिन प्रमुख अवसरों पर शास्त्री जी द्वारा औषधि वितरण किया जाता था, उन दिनों बड़ी संख्या में मरीज एक दिन पूर्व से ही पंक्तिबद्ध होकर एकत्रित हो जाते थे। ताप्ती सेवा समिति द्वारा इन मरीजों के लिए निःशुल्क ठंडे पानी की व्यवस्था की जाती थी तथा समाजसेवी धन्नालाल दलाल द्वारा निःशुल्क पुरी-सब्जी की सेवा भी प्रदान की जाती थी।

ताप्ती सेवा समिति ने स्वर्गीय शास्त्री जी के निधन को समाज एवं बुरहानपुर के चिकित्सा क्षेत्र की अपूरणीय क्षति बताते हुए उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। स्वर्गीय शास्त्री जी का एक बेटा उनकी गद्दी संभाल कर आयुर्वेद चिकित्सा के माध्यम से जनता की सेवा कर रहा है, वहीं एक बेटा एमबीबीएस करके जिला चिकित्सालय बुरहानपुर में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहा है।

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