Pratapgarh Dalit Girl Murder Case: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले से एक बेहद ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दरअसल मानिकपुर थाना क्षेत्र के एक गांव में रविवार सुबह एक 19 वर्षीय दलित युवती का शव संदिग्ध हालात में पेड़ से लटका मिला है। यह घटना घर से करीब 100 मीटर की दूरी पर हुई, जिससे पूरे इलाके में डर और आक्रोश फैल गया। जब ग्रामीण सुबह खेतों की ओर जा रहे थे, तभी उनकी नजर इस दर्दनाक दृश्य पर पड़ी। शव की हालत देखकर लोगों के होश उड़ गए, क्योंकि वह खून से सना हुआ था।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार। पुलिस को मौके से कुछ ऐसे सबूत मिले हैं, जो किसी गंभीर अपराध की ओर इशारा करते हैं। शव से करीब 20 मीटर दूर युवती की चप्पलें और अंडरगार्मेंट पड़े मिले। इसके अलावा, शरीर पर चोट के कई निशान पाए गए, खासकर प्राइवेट पार्ट पर गहरे घाव मिले हैं। इन तथ्यों को देखते हुए पुलिस शुरुआती तौर पर इसे दुष्कर्म के बाद हत्या का मामला मान रही है।
Pratapgarh Dalit Girl Murder Case: परिवार की हालत और युवती का सपना
मृतका एक गरीब दलित परिवार से थी और पढ़ाई में अच्छी थी। उसने हाल ही में 12वीं की परीक्षा पास की थी और आगे पढ़कर कुछ बनने का सपना देख रही थी। उसके पिता ई-रिक्शा चलाकर परिवार का गुजारा करते हैं। परिवार में कुल 10 बच्चे हैं, जिनमें वह पांचवें नंबर पर थी। उसकी मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों के अनुसार, रात करीब 2 बजे तक युवती अपने कमरे में सो रही थी।
लेकिन सुबह जब परिवार के लोग उठे तो वह घर में नहीं मिली। इससे आशंका जताई जा रही है कि किसी ने उसे रात में बहला-फुसलाकर घर से बाहर बुलाया और फिर इस घटना को अंजाम दिया। परिवार को यह भी शक है कि इसमें एक से ज्यादा लोग शामिल हो सकते हैं।
पुलिस और फोरेंसिक टीम जांच में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंच गई। कुंडा क्षेत्राधिकारी अमरनाथ गुप्ता और मानिकपुर थाना प्रभारी ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जरूरी सबूत जुटाए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, ताकि मौत की असली वजह साफ हो सके। इस घटना के बाद गांव में भारी तनाव है। लोग इस मामले को लेकर काफी गुस्से में हैं और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
वहीं पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी और उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह घटना न सिर्फ कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, बल्कि समाज में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा करती है।