उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने रविवार रात एक बड़ा प्रशासनिक फैसला लेते हुए राज्य में व्यापक फेरबदल किया, जिसने पूरे प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी है। सरकार ने एक साथ 40 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए, जिसे अब तक के अहम प्रशासनिक बदलावों में से एक माना जा रहा है।
इन तबादलों के तहत 15 जिलाधिकारियों (डीएम) को बदल दिया गया है, जिससे कई जिलों में प्रशासनिक नेतृत्व पूरी तरह बदल गया है। इस बड़े फेरबदल का असर सीधे तौर पर जिले स्तर की कार्यप्रणाली और विकास योजनाओं पर देखने को मिल सकता है।
सबसे चर्चित नियुक्ति की बात करें तो मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के दामाद और नोएडा की डीएम मेधा रूपम के पति मनीष बंसल को आगरा का नया जिलाधिकारी बनाया गया है। इस नियुक्ति को लेकर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में काफी चर्चा हो रही है।
इसके अलावा, 5 जिलों के मुख्य विकास अधिकारियो के भी तबादले किए गए हैं साथ ही, परिवहन आयुक्त समेत दो मंडलायुक्तों के पदों पर भी नए अधिकारियों की तैनाती की गई है।
सरकार ने कई वरिष्ठ अधिकारियों को महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी सौंपते हुए प्रशासनिक ढांचे को और मजबूत करने की कोशिश की है। अरविंद मल्लप्पा बंगारी को मुख्यमंत्री का विशेष सचिव नियुक्त किया गया है, जो सीधे तौर पर मुख्यमंत्री कार्यालय के कार्यों में अहम भूमिका निभाएंगे।
इसके अलावा, नितीश कुमार को उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन का प्रबंध निदेशक बनाया गया है, जबकि श्रुति को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (आगरा) की कमान सौंपी गई है। आशुतोष निरंजन को परिवहन आयुक्त, किंजल सिंह को माध्यमिक शिक्षा विभाग की सचिव और दुर्गा शक्ति नागपाल को देवीपाटन मंडल का आयुक्त नियुक्त किया गया है।
इस व्यापक फेरबदल को आगामी प्रशासनिक चुनौतियों, विकास कार्यों में तेजी लाने और शासन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार ने प्रदर्शन, अनुभव और प्रशासनिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है