उत्तर प्रदेश: विकास और जन-सुविधाओं पर सीएम योगी का कड़ा रुख
भीषण गर्मी को लेकर सीएम योगी सख्त, अधिकारियों को निर्देश- 'जनता को न हो बिजली-पानी की किल्लत'
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज राजधानी लखनऊ में शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। प्रदेश में बढ़ते तापमान और भीषण गर्मी की स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों की गति तेज करने और नागरिक सुविधाओं को चुस्त-दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
बिजली कटौती पर नाराजगी और सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश के रोस्टर के अनुरूप सभी जिलों को पर्याप्त बिजली मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि गर्मी के इस मौसम में अनावश्यक बिजली कटौती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जहाँ कहीं भी ट्रांसफार्मर खराब होने की सूचना मिले, उसे निर्धारित समय सीमा के भीतर बदला जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा, "जनता को इस गर्मी में राहत देना हमारी प्राथमिकता है, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई होगी।"
पेयजल (Drinking Water) की समस्या का तत्काल समाधान
बैठक में सीएम योगी ने 'जल जीवन मिशन' की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पीने के पानी की कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। जिन इलाकों में पाइपलाइन का काम चल रहा है, वहां वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर टैंकरों के माध्यम से पानी पहुँचाया जाए। उन्होंने नगर निकायों को सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ लगवाने के भी निर्देश दिए।
सड़कों और निर्माण कार्यों में तेजी
मुख्यमंत्री ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और अन्य निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया कि मानसून आने से पहले सड़कों के गड्ढा मुक्ति और नए निर्माण कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि विकास की परियोजनाओं में 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई जाए और भ्रष्टाचार की कोई गुंजाइश न हो।
ब्यूरो रिपोर्ट: सुनील कुमार तिवारी
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