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स्वामी स्वदेशानंद मौन व्रत रहकर मां नर्मदा की करेगें परिक्रमा ( अब्दुल खालिद कादिर ने मां नर्मदा परिक्रमा वालों का भगवा वस्त्र से किया स्वागत ) जैसा कि सभी जानते हैं कि संघर्ष से तप कर , तपस्या से साधना तक के सफर का दूसरा नाम है स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्म गिरि महाराज । संघर्ष से साधना तक का सफर स्वामी जी का काटो भरा रहा है।

स्वामी स्वदेशानंद मौन व्रत रहकर मां नर्मदा की करेगें परिक्रमा                      ( अब्दुल खालिद कादिर ने मां नर्मदा परिक्रमा वालों का भगवा वस्त्र से  किया स्वागत )                                             जैसा कि सभी जानते हैं कि संघर्ष से तप कर , तपस्या से साधना तक के सफर का दूसरा नाम है स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्म गिरि महाराज । संघर्ष से साधना तक का सफर स्वामी जी का काटो भरा रहा है। उनका कहना है कि संघर्ष ही जीवन है। स्वामी जी बजरंगबली के भक्त हैं उनके मुख से निकली हुई वाणी कभी खाली नही जाती। हमेशा मौन व्रत करने के कारण स्वामी जी पर एक आध्यात्मिक शक्ति का संचार हुआ है। स्वामी जी ने जो कहा है वैसा ही हुआ है। स्वामी जी ने नेपाल की धरती विराट नगर में ओली सरकार की 15 दिन के भीतर तख्ता पलट की बात कही थी और 12 दिन में ओली सरकार का तख्ता पलट हुआ था। स्वामी जी ने अहमदाबाद प्लेन क्रेश के तीन दिन पहले कहा था कि एक माह तक हवाई यात्रा से बचे। और एक माह के अन्तराल में प्लेन के साथ ही हेलीकॉप्टर क्रेश हुए थे। अंतर्राष्ट्रीय सन्त बौद्धिक मंच के अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा सनातनी अखाड़ा के संस्थापक संयोजक स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्म गिरि महाराज वैसे तो नौ रात्री में हमेशा मौन व्रत रहते हैं। किन्तु उन्होंने मां नर्मदा जी की परिक्रमा भी मौन व्रत रहकर पूरी करने के संकल्प के साथ 1 मई 2026 अमरकंटक से मां नर्मदा जी की परिक्रमा प्रारम्भ करेगें। बैहर में मां नर्मदा परिक्रमा करने वालों का वरिष्ठ अधिवक्ता वाय.आर.चौधरी, सेवा निवृत्त प्राचार्य एफ.एस.कमलेश , कादिर भाई आदि गणमान्य नागरिकों ने मां नर्मदा परिक्रमा वालों का पुष्प हारो से स्वागत किया। मां नर्मदा परिक्रमा के लिए स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्म गिरि महाराज के साथ वरिष्ठ पत्रकार राकेश शर्मा, राष्ट्रीय महामंत्री पण्डित निरंजन शर्मा, जिलाध्यक्ष मेहत लाल कटरे, आदि शक्ति सेना की ब्लॉक अध्यक्ष श्रीमती मंजु यूईके, सुखराम धुर्वे, आदि अन्य पदाधिकारी शामिल रहे। स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्म गिरि महाराज 15 नवम्बर 2026 राजस्थान के खैरथल जिले के मुंडावर तहसील के चांदपुर बाबा प्रह्लाद दास अपने गुरु श्री श्री 1008 श्री बालकानंद गिरि महाराज जी महामंडलेश्वर जी के आश्रम से "भारत माता परिक्रमा"   करने का संकल्प लिया है। भारत माता परिक्रमा का उद्देश्य भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाना, गौ माता को राष्ट्र माता का सम्मान दिलाना, साधु -  संतों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाना, देश में चल रहे लव जिहाद को पूर्ण रूप से प्रतिबन्ध लगाने देश में विशेष कानून बनाना, धर्मांतरण पर पूर्ण रूप से प्रतिबन्ध लगाने देश में विशेष कानून बनाना, देश के प्रत्येक तहसील में प्राचीन कालीन गुरुकुल की स्थापना कर सनातनी बच्चों को शास्त्र और शस्त्र की शिक्षा दिए जाने, देश में स्थापित बड़े मठ मन्दिरों को टैक्स मुक्त कर वहां से प्राप्त धन राशी का उपयोग देश के सनातनी बच्चों की शिक्षा, दीक्षा, खेल कूद, व्यायाम एवं गौ माता की सेवा में लगाने आदि ग्यारह सूत्रीय मांगों को लेकर भारत माता परिक्रमा करने का संकल्प लिया है। भारत माता परिक्रमा 29 प्रदेशों तथा दो देशों से होकर 16295 किलोमीटर की यात्रा होगी। मां नर्मदा परिक्रमा करने का उद्देश्य मां नर्मदा जी से आशीर्वाद प्राप्त करके भारत माता परिक्रमा को सफल बनाकर भारत का केंद्र बिन्दु मध्यप्रदेश के कटनी जिले के करौन्दी ग्राम में माँ भारती की सबसे  बड़ी मन्दिर की स्थापना करना है। जिसके लिए स्वामी स्वदेशानंद ब्रह्म गिरि महाराज अपने साथियों के साथ 1 मई 2026 मां नर्मदा मैया की उदगम स्थल अमरकंटक से परिक्रमा प्रारम्भ करेगें। उक्त जानकारी अंतर्राष्ट्रीय सन्त बौद्धिक मंच के राष्ट्रीय महामंत्री पण्डित निरंजन शर्मा ने दिया।

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